होर्मुज जलडमरूमध्य
शायद अमेरिका ने सोचा होगा कि ईरान स्वयं अपने दुश्मनों को आमत्रित कर लेगा क्योंकि वह उसके मिडिल ईस्ट देशों में स्थित मिलिट्री वेस पर जैसे हमला करेगा वे सारे देश युद्ध में शामिल होने लगेंगे। इसके अतिरिक्त होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के हर देशों के जहाज गुजरते हैं। ईरान इस रास्ते को बंद करेगा जरूर तो भारत सहित सारे यूरोपीय देश अपने-अपने जहाज़ों को निकालने के लिए बल प्रयोग करने लगेंगे। हो सकता है अमेरिका का यह कैलकुलेशन फेल हो गया क्योंकि सभी देशों ने किनारा कर लिया। चीन और भारत ने ईरान से तेल खरीद की डील कर ली और अपने जहाज मजे से निकाल रहे हैं। अब अमेरिका की गति सांप छछूंदर की हो गई है।
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