हिन्दुराष्ट्र बनाने का सपना
आपने कहा कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। चलो हम आपकी बात मान लेते हैं किन्तु यूजीसी के परमाणु बम की धमकी तो आपने दिया ही है। यह वह बम है कि यदि फटा तो केवल सामान्य वर्ग को ही नहीं अपितु सारे समाज को अस्त-व्यस्त कर देगा। इसका आभास उन अज्ञानियों को नहीं है जो इसे लागू कराने के लिए उतावले हैं। उन्हें यह भी नहीं पता कि हिन्दू समाज में भेदभाव का अर्थ है दूसरे बहुसंख्यक समाज को पुनः सत्ता तक पहुंचने में रास्ता साफ़ करना। यदि आप अंधभक्तों के न हो सके तो आप दलित, पिछड़ों के भी कैसे हो सकते हैं? हम सारे हिन्दू समाज अगड़े-पिछड़े सभी ने उम्मीद की थी कि आप अवैध्य नागरिकों को देश से निकाल देंगे। हम सभी उम्मीद किये थे कि आप सामान नागरिक संहिता लाएंगे। हम आशावान थे कि धर्म के आधार पर एक बार बटवारा हो चुका है अतः आप देश को हिन्दुराष्ट्र बनाने का हमारा सपना सच करेंगे। हम सभी ने सोचा था कि आप क्रीमी-लेयर को सामान्य में शामिल करते रहेंगे ताकि आरक्षण के होते हुए भी आरक्षित और अनारक्षित वर्ग से भेदभाव मिटता रहे और हिन्दू समाज संगठित होकर सशक्त हो जाय। हमने सोचा था कि जिन्होंने धर्म परिवर्तित कर लिया है उसे पूरी शक्ती से आप आरक्षण के लाभ से वंचित करेंगे ताकि लाभ हमारे समाज के गरीब दलित और पिछड़ों को ही मिले। हमें विशवास था कि झूठी धर्मनिरपेक्षता का आप पर कोई, कभी भी प्रभाव नहीं पड़ेगा। आपने इनमें से एक काम नहीं किया बल्कि इसके विपरीत आप अल्पसंख्यक में वोट की संभावनाएं तलाशने में लग गए हैं।
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