Help your Head Servant
परिवर्तन बड़ा क्रूर होता है और जब इसकी गति बहुत तेज हो जाती है तब विनाश आता है। इतनी बढ़िया सरकार चल रही थी। पिछले बारह वर्षों में हिन्दू समाज काफी संगठित हुआ था। देश का आर्थिक विकास हो रहा था। उद्योग गाँव-गाँव फ़ैल रहे थे। भारत समृद्ध और सशक्त हो रहा था। मैं तो सपने देखने लगा था कि भारत चीन जैसा हो जायेगा जहा हर किसी के पास उद्यम है, सामान शिक्षा है और सामान नागरिक अधिकार हैं। अचानक राजनीति दैत्य ने मुंह खोला और खुशियां निगल गया। आज ब्राह्मण को उसकी राष्ट्रनिष्ठा के लिए पुरस्कृत किया गया है। शेष सभी जाति वर्ग उसको पत्थर मार सकते हैं और यह अपराध नहीं माना जाएगा। आज ब्राह्मण मंदिरों में सफाई कर्मी भर है - सारा दान तो सरकारी पंडितों को चढ़ जाता है। शिक्षा उसका आभूषण था उस पर डकैती की योजना बनी तैयार है। कथा करने में लोगों को आपत्ति है। सबकी ईर्ष्या उसी की ओर है। ब्राह्मणवाद से आजादी कहने वाले पूजनीय हैं। ब्राह्मणवाद से आजादी का अर्थ है भारतीय भाषा, संस्कृति, वन्दे मातरम, राष्ट्रीयता आदि सभी से आज़ादी अर्थात आज़ाद भारत से आज़ादी। स्वतंत्रता को अभिशाप मानने वालों की पूजा कांग्रेस ने किया बीजेपी तो उनके चरणों में लोट गयी। आज एक भी ऐसी जाति नहीं है जो ब्राह्मण से द्वेष न करती हो जबकि एक मात्र ब्राह्मण ही जाति देखकर वोट नहीं करता। हजारों वर्षों की गुलामी से हमें मुक्ति तो मिल गयी किन्तु देश की नस्ल बदल गई। अब वे अपने पथ प्रदर्शक से, गौरवशाली अतीत से, अपने मूल अस्तित्व से नफ़रत हो गई है। सावधान ! आप अपनी सम्प्रभुता को दांव पर लगा रहे हैं। कुछ दिनों पहले कितनी ख़ुशी से मैं लिखा करता था :
If you love your Ram;
If you love Hanuman;
If you love Gopal
Gopi, gauven, gwal;
If you love your Holi;
If you love Deewali;
If you love Maan Kali
Your Maiya Sherowali;
If you love your temple
Soil fertile, your jungle,
Hills and sagar pyara;
If you love Gurudwara;
If you love your Geeta
Radha Rani, Mata Sita;
If you love Ramayan;
If you love Narayan,
Great Lord Buddha gyan,
And Mahabeer bhagwan;
If you love your heritage,
Sadguru, saint and sage;
If you love your home,
Om, your temple dome –
Help your Head Servant
Chase out the old Serpent.
-Poet Ramesh Tiwari
From ‘The Rise of NaMo and New India’

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