साहिब से सब होत है

मोदी जी ने बता दिया मैं साहिब हूँ और आप बन्दे: यदि मैं राइ से पर्वत बना सकता हूँ तो एक झटके में पर्वत को राइ भी कर सकता हूँ। लेकिन उन्हें यह भी जानना चाहिए जब बन्दे इकट्ठे हो जाते हैं तो साहिब के साहिब हो जाते हैं। वैसे आपका झोला तैयार हो चुका है, माननीय, क्योंकि अपने गुरु की तरह आपको भी जिन्ना से प्यार हो चुका है। चाहे हिन्दू हिन्दू को बांटो या मुस्लिम राजनीति को पोशो बात एक है। संघ प्रमुख का कहना है "मन में यह भाव नहीं होना चाहिए कि एक को दबाकर दूसरे को खड़ा किया जाना चाहिए। आपस में प्रेम भाव होना चाहिए। समाज को बांटने या बंटने में चिंता होनी चाहिए।" सौ वर्षों से संघ हिन्दुओं को संगठित करने की कोशिश कर रहा है और आपने चुटकी बजाते उन्हें खण्ड-खण्ड कर दिया। सीधा मतलब है कि आपने उस सगठन को दरकिनार किया है जिसने आपको शेर बनाया। यह भी मत भूलो, वह आपको पुनः चूहा भी बना सकता है, उसने ऐसा किया भी है और करने की सोच भी रहा है। आपके मंत्री कहते हैं किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होगी। आपने नाइंसाफी की हद कर दी है तब ये आवाज उठनी शुरू हुई है, कोई अपने पैर में ऐसे ही कुल्हाड़ी नहीं मारता। "मोदी! मोदी! मोदी! मोदी! !!!" मोदी जी आप इसे बहुत मिस करेंगे।

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