राम मंदिर चोरी

जिस मंदिर के लिए लाखों लोगों ने जान दे दी, धन संपत्ति निछावर कर दिया उसी मंदिर के सम्पत्ति की चोरी करने वालों ने सिद्ध कर दिया कि हमारे समाज का बहुत बड़ा हिस्सा दुनिया को तो डरता है किन्तु ईश्वर से नहीं। हिन्दू एक फुटकर समाज है जिसमें एक हिस्सा धर्मनिष्ठ है, राष्ट्र भक्त है - वह प्रभु श्रीराम की श्रद्धा में अपना सर्वस्व अर्पित कर सकता है। वहीँ मनमाने, अनुशासनहीन, स्वार्थ में अंधे लोगों की अपार भीड़ भी है जो न धर्म में आस्था रखता है और न ही राष्ट्र के प्रति निष्ठावान है। एक वे लोग हैं जो करोड़ों के सुन्दर आभूषणों को पहनाकर अपने राम के सौंदर्य का दर्शन करना चाहते हैं एक वे हैं जो राम को मूर्ती समझकर उन आभूषणों की चोरी से नहीं विचलित होते। संसार में सुरक्षित और सशक्त वह समाज होता जो अपने धर्म में गहरी आस्था रखता है। इसीलिए मनुस्मृति कहती है "धर्मो रक्षति रक्षितः"। अमेरिका जैसा सुपर पावर ईरान को हिला न सका क्योंकि ईरानियों को अपने धर्म से शक्ति प्राप्त हो रही थी। छोटा सा इजराइल अपने धर्म और राष्ट्र निष्ठा की ताकत पर चारों और दुश्मनों से घिरे होने के वावजूद शेर की तरह जीता है। अफगानिस्तान से न अमेरिका जीत सका न रूस क्योंकि अफगानी अपने धर्म के पक्के लोग हैं। जब हममें राष्ट्रवाद जागा तब हमने स्वतंत्रता की लड़ाई जीती। श्री राम का आश्रय लेकर बीजेपी को सफलता मिली। वही बीजेपी रास्ता भटक कर कार सेवकों पर गोली चलाने वालों के रास्ते पर चलने लगी है। वह अपराधियों का नहीं बहाना लेकर कुछ विशेष जाति के लोगों का वध कर रही है। खैरात खाने वालों को भिखमंगा कहने में व्याकरण की त्रुटि नहीं मानी जाएगी वहीँ भ्रष्टाचार चोरी की प्रायवाची है। खैरात अनादृत धन है, चोरी का धन कलंकित एवं दूषित है - यह पीढ़ियों को सड़ा देता है। खैराती और भ्रष्टाचारी ही अधार्मिक लोग हैं। इन्हीं के कारण ही हम सैकड़ों वर्षों तक गुलाम रहे। मैंने कुछ दलित वर्ग के लोगों को देखा है कि वे बड़ी श्रद्धा से मंदिर जाते हैं, मांस मदिरा से दूर रहते हैं। ये वे लोग हैं जिनसे श्रद्धा होती है।

एक लड़की को उसका बाप देखता है, उसका भाई देखता है एवं एक अन्य युवक देखता है, किन्तु तीनों का नजरिया भिन्न होता है। इसी तरह राम मंदिर को लोग अलग-अलग नजरिये से देखते हैं : किसी के लिए वह जिंदगी से प्यारा है क्योंकि वह उसके लाडले राम जी का भवन है, किसी के लिए वह बलिदान का प्रतिफल है, किसी के लिए वह राष्ट्रिय गौरव है किन्तु किसी के लिए वह संपत्ति का विशाल श्रोत है। एक सफल नेता वह व्यक्ति होता है जिसका दृष्टिकोण सामान्य जनमानस से भिन्न होता है - वह जैसा दिखता है उसका ह्रदय उसके ठीक विपरीत होता है। वह बहुत कठिन व्यक्ति होता है : उसमें दया, क्षमा, ईश्वर में आस्था, शर्म, लिहाज़ आदि सारे भाव सूख चुके होते हैं, यद्यपि वह इन सारे भावों का सफल प्रदर्शन कुशलता पूर्वक करता है। राम मंदिर की चोरी मंदिर बलिदानियों के बहे हुए रक्त का उपहास है, भोले-भाले श्रद्धालुओं की निष्ठा पर सदमा है, भारत की भारतीयता पर कलंक है, सनातन संस्कृति के साथ धोखा है और हिन्दू समाज के लिए खुली शर्मिंदगी है। यह तो वही हुआ कि हम तो आपके प्यार में दीवाने हो गए और आपके के इरादे क़ातिलाने हो गए। यह हिन्दुस्तान है जहां चोर पूजे जाते हैं, देव लुटे जाते हैं और चोर पकड़ने वाले गोली खाते हैं।

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